मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य में हर पल स्थिति पर नजर रख रहे हैं और प्रभावित इलाकों में तैनात अधिकारियों से जानकारी भी हासिल कर रहे हैं। मान राज्य के बुरी तरह प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कामों को पूरा करने को पहल दी जा रही है।
पटियाला जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरियाणा हमेशा पंजाब से पानी की मांग करता रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा हुआ है। राजस्थान भी पंजाब के पानी में हिस्सा मांगता है। हिमाचल प्रदेश पंजाब में पहुंच रहे पानी पर रॉयल्टी मांग रहा है। उन्होंने कहा ‘हिस्सा मांगने को सभी हैं लेकिन डूबने के लिए अकेला पंजाब।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हरियाणा और राजस्थान पानी लेने से इन्कार कर रहे हैं। पंजाब भी अब अतिरिक्त पानी अपने पास रखने को तैयार नहीं है। अतिरिक्त पानी का पंजाब की तरफ बहाव है, जिससे पंजाब का बड़ा नुकसान हो रहा है। हैरानी की बात है कि अब यही राज्य पंजाब से अपने हिस्से का पानी लेने पर पूरी तरह चुप हैं और फालतू पानी हमारी तरफ भेज रहे हैं।
केंद्र मदद करे तो ठीक, राज्य खुद प्रबंध कर लेगाः मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो लोग डींगे हांक रहे हैं कि केंद्र ने 218 करोड़ रुपये जारी किए हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि यह फंड बीती 10 जुलाई को जारी किया गया था। राज्य सरकार यह रकम 72 घंटों में खर्च नहीं कर सकती क्योंकि नुकसान को कम से कम रखने के लिए सरकार ने पहले ही जरूरी प्रयास किए थे। मान ने कहा कि घग्गर की सफाई भी राज्य के बाकी सेम-नालों की तरह अच्छी तरह की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की भीख नहीं मांगेगा लेकिन केंद्र को बाढ़ से हुए नुकसान की रिपोर्ट जरूर भेजेगा। बाढ़ के कारण राज्य में भारी नुकसान हुआ है और आने वाले दिनों में इसका मूल्यांकन किया जाएगा। भगवंत मान ने कहा कि यदि केंद्र राज्य की मदद करेगा तो ठीक, नहीं तो राज्य खुद इसका प्रबंध करने के समर्थ है।







