रेड मीट से क्या सच में पेट का कैंसर होता है? क्या होता है यह और क्या कहता है विज्ञान, जानें सच्चाई

Red meat and Stomach Cancer: रेड मीट यानी बड़े और मछोले जानवरों के मांस का सेवन कैंसर का कारण बन सकता है. यह बात कई अध्ययनों में कहा गया है. हालांकि यह भी सच है कि रेड मीट में प्रचूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और मिनिरल्स मौजूद होते हैं. भारत में बेशक इसका सेवन कम किया जाता है लेकिन दुनिया के सभी हिस्सों में रेड मीट का सेवन बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सच में रेड मीट का सेवन करने से पेट का कैंसर होगा ही. आखिर किस मात्रा में रेड मीट का सेवन करने से पेट के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है.

एक दिन में कितने रेड मीट

ब्रिटिश हेल्थ सर्विस ने अपने अध्ययन के आधार पर कहा है कि रेड मीट का ज्यादा सेवन करने से पेट के कैंसर का जोखिम बढ़ता है. विज्ञान भी इसे सही मानता है लेकिन जरूरत से ज्यादा रेड मीट के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है. अगर सीमित मात्रा में रेड मीट का सेवन किया जाए तो इससे खतरा नाम मात्र हो जाता है. ब्रिटिश हेल्थ सर्विस ने इसलिए रेड मीट को खाने के लिए गाइडलाइंस बनाए हैं. इसमें कहा गया कि जो लोग रोजाना 90 ग्राम औसतन पका हुआ रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट खा रहे हैं वे इसे 70 ग्राम से कम पर लाएं. यदि ऐसा नहीं करेंगे तो पेट के कैंसर का खतरा बढ़ जाएगा. लकिन जो लोग 70 ग्राम से कम रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट खाते हैं, उन्हें खतरा बहुत कम हो जाता है. पेट के कैंसर से बचने का और रास्ता य है कि आप वजन को हमेशा संतुलित रखें, ज्यादातर एक्टिव रहने की कोशिश करें और सिगरटे, शराब से दूरी बना लें.

रेड मीट में क्या-क्या आता

बड़े और मछोले जानवरों के मीट को रेड मीट कहते हैं. इसमें भैंस, भेड़, सूअर, बकरा, बछड़ा, हिरण आदि का मांस शामिल है. हालांकि रेड मीट में चिकन, बत्तख, कई तरह के खाने वाली चिड़िया और खरगोश शामिल है.

क्या होता है प्रोसेस्ड मीट

प्रोसेस्ड मीट भी इन्हीं जानवरों का मांस है लेकिन इसमें नमक और अन्य प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल कर इसे धुआं में पकाकर बहुत दिनों के लिए रखा जाता है. इससे कई चीजें बनाई जाती है जिसे पैकेट में बंद कर दिया जाता है जो बहुत दिनों तक ताजा रहता है. भारत, नेपाल या कुछ और देशों को छोड़ अन्य लगभग सभी देशों में प्रोसेस्ड मीट को बहुत-बहुत दिनों तक पैकेट में बेचा जाता है. लेकिन प्रोसेस्ड मीट रेड मीट से ज्यादा खराब है

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