‘महंगाई का हाथी निकला जंगल की सैर पर’, पॉलिसी ऐलान में RBI गवर्नर ने ऐसा क्‍यों कहा?

RBI MPC Updates: शक्तिकांता दास ने कहा कि RBI महंगाई को 2-6% के बीच में ही रखना चाहता है, बीते तीन महीने से महंगाई इस लक्ष्मण रेखा के अंदर ही है.

RBI Governor on Inflation: केंद्रीय बैंक RBI ने 3 से 5 अप्रैल तक चली मॉनिटरी पॉलिसी की मीटिंग के बाद ब्याज दरों (Repo Rate Unchanged) में कोई बदलाव नहीं किया है. MPC कमिटी के 6 में से 5 सदस्‍यों ने पॉलिसी रेट पर लगाए गए ब्रेक को जारी रखने पर सहमति जताई. इस ब्रेक से आम लोगों को फायदा ये होगा कि सभी तरह के लोन की EMI का बोझ नहीं बढ़ेगा.

वहीं दूसरी ओर महंगाई के मोर्चे पर भी राहत की उम्‍मीद जताई गई है. MPC के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसके लिए ‘हाथी’ शब्‍द का इस्‍तेमाल किया. उन्‍होंने कहा, ‘महंगाई वाला हाथी अब जंगल की सैर के लिए निकल गया है.’

महंगाई वाला हाथी

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसके जरिए स्‍पष्‍ट किया कि महंगाई से आम आदमी को राहत मिलने वाली है. उन्होंने कहा कि कोर महंगाई कम हुई है. हालांकि, उनका मानना है कि फूड इंफ्लेशन रेट में लगातार उतार-चढ़ाव रह सकता है.

लक्ष्‍मण रेखा के भीतर है महंगाई

RBI गवर्नर ने कहा, दिसंबर 2024 में रिटेल महंगाई 4 महीने की ऊंचाई (5.69%) पर रही थी. इसके बाद जनवरी में 5.10% रही थी, जबकि फरवरी में रिटेल महंगाई दर और कम होकर 5.09% रही है.

शक्तिकांता दास ने कहा कि पिछले 9 महीनों में कोर महंगाई दर में लगातार गिरावट आई है. महंगाई रिजर्व बैंक के लक्ष्य के करीब पहुंच रही है, लेकिन अंतिम पड़ाव अभी भी चुनौतीपूर्ण है.

उन्‍होंने कहा, ‘RBI महंगाई को 2-6% के बीच में ही रखना चाहता है, बीते तीन महीने से महंगाई इस लक्ष्मण रेखा के अंदर ही है.’

एक थाली की कीमत

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (Crisil) की पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, शाकाहारी थाली महंगी हुई है. इसकी कीमत मार्च में 7% बढ़ कर 27.3 रुपये हो गई, जबकि पिछले साल मार्च में इसी थाली की कीमत 25.5 रुपये थी.

हालांकि वेज के मुकाबले नॉनवेज थाली सस्‍ती हुई है. पिछले साल यानी मार्च 2023 में मांसाहारी थाली की कीमत 59.2 रुपये थी, जो कि मार्च 2024 में 7% कम होकर 54.9 रुपये पर आ गई है

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