पंजाबी हेडलाइन (हरमिंदर सिंह किट्टी) पोहिर, 8 फरवरी 2025 – हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट (एचडीएचआई) ने ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, पोहिर में निःशुल्क हृदय जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बिशव मोहन के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में 200 से अधिक मरीजों की जांच की गई।
हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट (एचडीएचआई) ने 8 फरवरी 2025 को अपने आउटरीच कार्यक्रम के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, पोहिर में एक मुफ्त हृदय जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बिशव मोहन के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में 200 से अधिक मरीजों की जांच की गई।
मेडिकल टीम के सदस्य:
- डॉ. सुरिंदर पाल सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन)
- डॉ. अभिषेक गर्ग (डीएम रेजिडेंट, कार्डियोलॉजी)
- डॉ. महेश सतीजा (प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन)
- डॉ. प्रांजल (असिस्टेंट प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन)
शिविर में प्रदान की गई सेवाएं:
- रक्तचाप और शुगर की जांच
- ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम)
- इको-कार्डियोग्राम
- मुफ्त दवाइयों का वितरण
- सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण

कई मरीजों में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की पहचान की गई, जिन्हें विशेष सलाह और जीवनशैली में बदलाव के सुझाव दिए गए। इसके अतिरिक्त, सीपीआर प्रशिक्षण के माध्यम से आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी भी प्रदान की गई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि लोग अपने हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें और समय पर उपचार प्राप्त कर सकें।
हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट लुधियाना में स्थित एक प्रमुख हृदय रोग उपचार केंद्र है, जो उच्च गुणवत्ता वाली कार्डियोलॉजी सेवाएं प्रदान करता है। संस्थान समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता रहता है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा सके।
मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बिशव मोहन ने कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनकी अगुवाई में कई मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में वृद्धि हुई है।

शिविर के दौरान, मरीजों के रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच की गई, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मिली। इसके अलावा, ईसीजी और इको-कार्डियोग्राम जैसे परीक्षणों के माध्यम से हृदय रोगों की पहचान की गई और मरीजों को उचित उपचार की सिफारिश की गई। मरीजों को आवश्यक दवाइयां मुफ्त में वितरित की गईं, ताकि वे अपना उपचार जारी रख सकें।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना था, ताकि लोग अपनी सेहत के प्रति सचेत रहें और समय पर उपचार ले सकें। इस प्रकार के शिविरों से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ती है और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा होती है।
*(PunjabiHeadlines की विशेष रिपोर्ट)*9814060516
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