लुधियाना, 22 अगस्त 2025( हरमिंदर सिंह किट्टी) दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (डीएमसी&H) में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई जब डॉ. अनुभव शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, आर्थोपेडिक्स विभाग, ने 4 वर्षीय बच्चे पर एक अत्यंत जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। यह बच्चा यूइंग्स सारकोमा – हड्डी का एक दुर्लभ और तेजी से फैलने वाला कैंसर, जो टखने की हड्डी (डिस्टल फिबुला) के पास था, से पीड़ित था।
यह सर्जरी डीएमसी&H में अपनी तरह की पहली प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल घातक ट्यूमर को हटाना ही नहीं, बल्कि बच्चे के पैर को सुरक्षित रखना भी था, ताकि वह आगे चलकर सामान्य और सक्रिय जीवन जी सके।

यह नन्हा मरीज एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से था, जिसके लिए इलाज का खर्च वहन करना कठिन था। डॉ. शर्मा ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए, अपने मित्रों और शुभचिंतकों से आर्थिक सहायता जुटाई, ताकि बच्चे को बेहतरीन इलाज बिना किसी आर्थिक अड़चन के मिल सके।

इस असाधारण सफलता के लिए श्री बिपिन गुप्ता, सचिव, डीएमसी&H मैनेजिंग सोसाइटी, तथा डॉ. जी.एस. वंडर, प्रिंसिपल, डीएमसी&H, समेत पूरे प्रशासनिक दल ने डॉ. शर्मा की शल्य-कौशल और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की और इसे “विज्ञान और मानवता का अद्भुत संगम” बताया।
बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा, “हमने सारी उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन आज डॉ. शर्मा और डीएमसी&H की टीम ने हमारे बच्चे को नई ज़िंदगी दी है।”
यह उपलब्धि न केवल डीएमसी&H की उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि चिकित्सा जगत में संवेदनशीलता कितनी बड़ी ताकत है।







