अर्ली अडॉप्टर्स, ज़िंदगियाँ बचाने वाले अग्रदूत – भारत में स्ट्रोक उपचार को नया रूप देते हुए

नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) ने NABH-WSO स्ट्रोक सेंटर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के अर्ली अडॉप्टर्स को NABH पेशेंट सेफ्टी कॉन्फ्रेंस 2025 (#NPSC2025) में सम्मानित किया। यह पहल देशभर में समय पर, सुरक्षित और प्रभावी स्ट्रोक उपचार को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है।

🏅 एडवांस स्ट्रोक सेंटर – क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लुधियाना, पंजाब
🏅 इंटीग्रेटेड स्ट्रोक यूनिट – पारुल सेवाश्रम अस्पताल (पारुल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च), वडोदरा, गुजरात

इस उपलब्धि ने इन संस्थानों की मरीज़-केन्द्रित देखभाल, नैदानिक उत्कृष्टता और वैश्विक मानकों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।

NABH-WSO स्ट्रोक सेंटर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम का उद्देश्य पूरे भारत में स्ट्रोक उपचार को मानकीकृत और सशक्त करना है। इसके अंतर्गत मरीज़ों को तेज़ निदान, समय पर हस्तक्षेप और साक्ष्य-आधारित इलाज सुनिश्चित होगा, जिससे जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी और अपंगता घटेगी।

सम्मान समारोह के दौरान NABH अधिकारियों ने कहा कि सीएमसी लुधियाना और पारुल सेवाश्रम अस्पताल जैसे अर्ली अडॉप्टर्स देश के अन्य अस्पतालों को भी प्रेरित करेंगे, ताकि गुणवत्ता-आधारित स्ट्रोक उपचार को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिल सके।

इस उपलब्धि के साथ भारत ने स्ट्रोक-रेडी अस्पतालों का मज़बूत नेटवर्क बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे हर मरीज़ को सुलभ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय उपचार मिल सकेगा।

“अर्ली अडॉप्टर्स, ज़िंदगियाँ बचाने वाले अग्रदूत – भारत में स्ट्रोक उपचार को नया रूप देते हुए।”

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