“GERD: पेट की एसिड यात्रा जो लौटकर देती है दर्द—जानिए कितना ख़तरनाक है यह ‘रिफ्लक्स’!”-DR. SHAURYA GOYAL

समय पर पहचान और सही इलाज से काबू में आ सकता है सीने की जलन का यह बढ़ता खतरा”-  डॉ. शौर्य गोयल   MD, DM (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी)

गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD) क्या है?

GERD एक पाचन संबंधी विकार है, जिसमें पेट का एसिड भोजन नली (esophagus)

में वापस आ जाता है। सामान्य स्थिति में निचला इसोफेजियल स्फिंक्टर (LES) भोजन को नीचे भेजने के बाद बंद हो जाता है, लेकिन GERD में यह वाल्व कमजोर या ढीला हो जाता है। नतीजा — पेट का एसिड ऊपर की ओर लौटता है और सीने में जलन, खट्टी डकार और गले में जलन जैसे लक्षण पैदा करता है।

मुख्य लक्षण

सीने में जलन (Heartburn)

खट्टी या कड़वी डकार

गले में जलन या दर्द

खाने के बाद भारीपन

लगातार खांसी, आवाज में भारीपन

नींद में सांस रुकने जैसा अहसास (severe cases)

GERD होने के प्रमुख कारण

मोटापा

चाय, कॉफी, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक्स

धूम्रपान व शराब सेवन

देर रात खाना

पेट के अंदर बढ़ा प्रेशर (जैसे गर्भावस्था)

क्या है खतरा?

GERD को अनदेखा करने से इसोफैगिटिस (Esophagitis), अल्सर, संकरी नली (Stricture), और Barrett’s Esophagus जैसी गंभीर स्थितियाँ पैदा हो सकती हैं—जो आगे चलकर कैंसर का कारण भी बन सकती हैं। इसलिए समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

इलाज और नियंत्रण कैसे?

1. जीवनशैली में बदलाव:

रात को देर से खाना न खाएँ

सोने से 2–3 घंटे पहले भोजन पूरा करें

वजन नियंत्रित रखें

मसालेदार, तैलीय और खट्टी चीज़ों से परहेज़

चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स कम करें

छोटे-छोटे भोजन लें

2. दवाइयाँ:

Antacids

H2 blockers

Proton Pump Inhibitors (PPIs) – डॉक्टर की सलाह से

3. गंभीर मामलों में:

एंडोस्कोपी या सर्जिकल उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

निष्कर्ष

GERD आज की बदलती जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ता रोग है। समय पर पहचान, सही इलाज और उचित खानपान से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। बेहतरी की शुरुआत आपके दैनिक रुटीन के छोटे-छोटे बदलावों से ही होती है।

DR. SHAURYA GOYAL

योग्यता: MD, DM (Gastroenterology)

पद: Consultant CMC & H, Ludhiana

opd MondayTo Sat

मोबाइल नंबर: 98962-26379

पता: H.No. 1, Block-H, BRS Nagar, Ludhiana

Email: shauryagoyal8@gmail.com

 

Leave a Comment

You May Like This

ਜਵੱਦੀ ਟਕਸਾਲ ਵਿਖੇ ਹਫ਼ਤੇ ਲਈ ਨਾਮ ਸਿਮਰਨ ਆਰੰਭ ਸਮਾਗਮ ਹੋਇਆ ,ਸਿਮਰਨ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਭਾਈ ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਿੰਘ ਹਜ਼ੂਰੀ ਰਾਗੀ ਸ੍ਰੀ ਦਰਬਾਰ ਸਾਹਿਬ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਨੇ ਹਾਜ਼ਰੀ ਭਰੀ । ਜਿਹੜਾ ਮਨੁੱਖ ਪ੍ਰਮਾਤਮਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਨਾਲ ਜੁੜਦਾ ਹੈ, ਉਸਨੂੰ ਮੰਨਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਕੂੜ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਨਾਮ ਵੱਡੇ ਭਾਗਾਂ ਨਾਲ ਜਾਪਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ – ਸੰਤ ਅਮੀਰ ਸਿੰਘ